Meaning of

ख़्याल-ए-वस्ल

khyaal-e-wasl • خیال وصل

मिलन का विचार; मिलने की इच्छा

thought of union; desire for meeting

وصال کا خیال; ملنے کی خواہش

Persian

बड़ी ग़मगीन थीं आँखें फ़िराक़-ए-यार में लेकिन ख़्याल-ए-वस्ल से फिर शाम रंगीं हो गई मेरी ‏ — Kiran K

ख़्याल-ए-वस्ल प्रिय के साथ मिलन की लालसा और प्रतीक्षा को दर्शाता है। कविता में, यह एक लालसा की कैनवास है, जहाँ मन एक साथ होने की जीवंत छवियाँ बनाता है, अक्सर अधूरी इच्छाओं की खट्टी-मीठी भावना से भरा होता है।

कवि ख़्याल-ए-वस्ल का उपयोग इच्छा और वास्तविकता के बीच के तनाव का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर सपनों की सुंदरता और जुदाई के दर्द को उकसाता है।

ख़्याल-ए-वस्ल लालसा का मौन गीत है, जहाँ सपने और वास्तविकता नाजुक सामंजस्य में नृत्य करते हैं।