Meaning of

ख़्वाब-ए-परेशाँ

khwaab-e-pareshaan • خواب پریشاں

अशांत सपना; बेचैन दृष्टि

disturbed dream; restless vision

بے چین خواب; مضطرب نظر

Persian

यह वाक्यांश अशांति और बेचैनी की भावना को जागृत करता है, उन सपनों का सार पकड़ता है जो शांत नहीं होते बल्कि उथल-पुथल से भरे होते हैं। कविता में, यह अक्सर सपने देखने वाले को सताने वाली आंतरिक संघर्षों और अधूरी इच्छाओं का प्रतीक होता है।

'ख़्वाब-ए-परेशाँ' का उपयोग कवि अक्सर आंतरिक उथल-पुथल और अस्तित्वगत भय की थीम को खोजने के लिए करते हैं। यह शांतिपूर्ण सपनों के विपरीत होता है, भीतर के अराजकता को उजागर करता है। यह सामाजिक अशांति या व्यक्तिगत संघर्षों को भी प्रतिबिंबित कर सकता है।

'ख़्वाब-ए-परेशाँ' अपने सार में सपनों और वास्तविकता के उथल-पुथल भरे नृत्य को पकड़ता है। यह आत्मा की अशांति की खिड़की है।