Meaning of

खिसक

khisak • خسک

फिसलना; सरकना; हटना

slip; slide; move away

پھسلنا; سرکنا; ہٹنا

Unknown

दौर-ए-अनदेखी से जर्जर हो गई दिल की दीवारें खिसक रही हैं उन की तस्वीरें दिल से धीरे धीरे — Sandeep dabral 'sendy'
एक तारीख़ कमबख़्त खिसकी नहीं रात ऐसी मिली सुब्ह जिस की नहीं — Akash Kumar
जब खिसकती है अक़्ल आदम की आता है तब वुजूद में ये इश्क़ — A R Sahil "Aleeg"

'खिसक' शब्द उस सूक्ष्म गति को दर्शाता है जब कुछ चुपचाप फिसल जाता है, अक्सर बिना ध्यान दिए। कविता में, यह क्षणों और भावनाओं की अस्थिरता को पकड़ता है, समय या भावनाओं का शांत प्रस्थान जो कभी स्थिर लगते थे।

कवि अक्सर 'खिसक' का उपयोग संबंधों में अदृश्य बदलाव या यादों के धीरे-धीरे मिटने को दर्शाने के लिए करते हैं। यह रात के दिन में धीरे-धीरे विलीन होने या सपनों के फीके पड़ने का भी संकेत दे सकता है।

'खिसक' की शांत गति में, अनकहे बदलावों की एक दुनिया छुपी है। यह हमें जीवन द्वारा लाए गए कोमल, अपरिहार्य परिवर्तनों की याद दिलाता है।