Meaning of

खौफ़-ए-ख़ुदा

khof-e-khuda • خوف خدا

ईश्वर का भय; श्रद्धा; विस्मय

fear of God; reverence; awe

خدا کا خوف; تعظیم; حیرت

Arabic

गुनाहों से ख़ुद को महफ़ूज़ रख सकता शख़्स वो ही ये दिल जिस का काँपता है हर इक पल ख़ौफ़-ए-ख़ुदास — A R Sahil "Aleeg"
वो ज़ालिम ज़रा कुछ तो खौफ़-ए-ख़ुदा कर कि आ सकती हैं अब क़यामत कभी भी — Parvez Shaikh
ख़ुद-कर्दा गुनाहों की सज़ा ढूंढ रहे हैं अब चार सू हम ख़ौफ़े-ख़ुदा ढूंढ रहे हैं — A R Sahil "Aleeg"

यह वाक्यांश दिव्यता के प्रति गहरी विनम्रता और समर्पण की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर सांसारिक इच्छाओं और आध्यात्मिक कर्तव्यों के बीच के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है, मानव दुर्बलता और दिव्य सर्वशक्तिमानता के बीच के तनाव को पकड़ता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग पश्चाताप और मोक्ष के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जो नैतिक अखंडता पर प्रश्न उठाते हैं या जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर विचार करते हैं।

खौफ़-ए-ख़ुदा आध्यात्मिक यात्रा में भय और प्रेम के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।