Meaning of

जज़्ब

jazb • جذب

आकर्षण; सम्मोहन; लीनता

absorption; attraction; fascination

کشش; محویت; جذب

Arabic

कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला
और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला

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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए
इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए

कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें
और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

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सब कर लेना लम्हे ज़ाया' मत करना
ग़लत जगह पर जज़्बे ज़ाया' मत करना

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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए

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इस क़दर जज़्ब हो गए दोनों
दर्द खेंचूँ तो दिल निकल आए

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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही

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कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना
एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना

जिस को तुम चाहो कोई और न चाहे उस को
इस को कहते हैं मोहब्बत में सियासत करना

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ऐ जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ हर चीज़ मुक़ाबिल आ जाए
मंज़िल के लिए दो गाम चलूँ और सामने मंज़िल आ जाए

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जज़्बों को कभी अपने बेदार नहीं करते
क़ातिल की तरह ख़ुद को तैयार नहीं करते

छुप छुप के यूँँ करते हैं बातें जो अदावत की
हाज़िर है मेरा सीना पर वार नहीं करते

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घास में जज़्ब हुए होंगे ज़मीं के आँसू
पाँव रखता हूँ तो हल्की सी नमी लगती है

12

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कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला
और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला

10

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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए
इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए

कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें
और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

82

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अपने सार में, 'जज़्ब' एक गहरे आकर्षण या लीनता को संदर्भित करता है, जो अक्सर आध्यात्मिक या भावनात्मक होता है। कविता में, यह प्रेम या सौंदर्य के चुंबकीय खिंचाव को दर्शाता है, जो आत्मा को एक गहरे संबंध में खींचता है।

कवि 'जज़्ब' का उपयोग प्रिय या आदर्श के अप्रतिरोध्य आकर्षण को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर ऐसे आकर्षण की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करता है, जो किसी के अस्तित्व को बदलने में सक्षम होता है।

कविता में, 'जज़्ब' वह मौन शक्ति है जो दिलों और आत्माओं को एक अनंत नृत्य में बांधती है।