Meaning of

जब्र-ए-मशीयत

jabr-e-mashiyyat • جبر مشیت

भाग्य की मजबूरी; नियति की अनिवार्यता

compulsion of fate; inevitability of destiny

قسمت کی مجبوری; تقدیر کی ناگزیریت

Arabic

यह वाक्यांश नियति की अपरिहार्यता को दर्शाता है, एक शक्ति जो व्यक्तियों को उनके भाग्य से बांधती है। कविता में, यह अक्सर किसी के पूर्वनिर्धारित मार्ग के खिलाफ संघर्ष या स्वीकृति को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग नियति और स्वतंत्र इच्छा के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह भाग्य के प्रति समर्पण या इसके खिलाफ विद्रोही भावना को व्यक्त कर सकता है।

भाग्य के नृत्य में, हमें जंजीरें और पंख दोनों मिलते हैं।