Meaning of

जब्र-ए-वक़्त

jabr-e-waqt • جبر وقت

समय का अत्याचार; समय का दमन

tyranny of time; oppression of time

وقت کا ظلم; وقت کا جبر

Arabic

ये भी तो जब्र-ए-वक़्त है तू मुझे याद भी नहीं जैसे सँभल गए हो तुम वैसे सँभल गया हूँ मैं — Noon Meem Danish

'जबर-ए-वक़्त' वाक्यांश समय के निरंतर और अक्सर कठोर प्रवाह को पकड़ता है। कविता में, यह समय की अनिवार्य प्रगति के खिलाफ असहायता की भावना को उभारता है, जो संघर्षों और दुखों को उजागर करता है।

कवि 'जबर-ए-वक़्त' का उपयोग समय के अनिवार्य प्रवाह और मानव जीवन पर इसके प्रभाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर खुशी के क्षणों के साथ विरोधाभास करता है, खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'जबर-ए-वक़्त' समय की अडिग प्रकृति और मानव आत्मा पर इसके गहरे प्रभाव की मार्मिक याद दिलाता है।