Meaning of

जहल

jahal • جہل

अज्ञानता; ज्ञान की कमी

ignorance; lack of knowledge

جہالت; علم کی کمی

Arabic

हद से बढ़े जो इल्म तो है जहल दोस्तो सब कुछ जो जानते हैं वो कुछ जानते नहीं — Khumar Barabankvi
जहल-ए-ख़िरद ने दिन ये दिखाए घट गए इंसाँ बढ़ गए साए — Jigar Moradabadi

जहल अज्ञानता या ज्ञान के अभाव की स्थिति को दर्शाता है। अपने मूल अर्थ में, यह ज्ञान की अनुपस्थिति को संदर्भित करता है। कविता में, यह अक्सर अज्ञानता और ज्ञान के बीच के अंतर को उजागर करता है, मानव स्थिति की द्वैतता की याद दिलाता है।

कवि 'जहल' का उपयोग ज्ञान और आत्म-खोज के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अंधकार से प्रकाश की यात्रा, समझ के लिए संघर्ष, या मासूमियत की आनंदमय अज्ञानता को चित्रित कर सकता है।

जहल हमें जानने और न जानने के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है, एक नृत्य जो मानव अनुभव को परिभाषित करता है।