Meaning of

जहान-ए-गुज़राँ

jahaan-e-guzraan • جہان گزراں

क्षणभंगुर संसार; अस्थायी अस्तित्व

transient world; fleeting existence

عارضی دنیا; فانی وجود

Persian

यह वाक्यांश जीवन की क्षणभंगुरता को दर्शाता है, एक ऐसा संसार जो निरंतर परिवर्तनशील है और कभी स्थायी नहीं होता। कविता में, यह अक्सर क्षणिक सुंदरता और समय के अनिवार्य प्रवाह को प्रतिबिंबित करता है।

कवि इसका उपयोग आनंद और दुःख के क्षणभंगुर पलों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है। अक्सर शाश्वत या दिव्य अवधारणाओं के साथ विपरीत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

अपने सार में, 'जहान-ए-गुज़राँ' समय और अस्तित्व के नाजुक नृत्य को पकड़ता है।