Meaning of

जाँ-निसार

jaan-nisaar • چشم بد بین

समर्पित; आत्म-बलिदानी

devoted; self-sacrificing

وفادار; خود قربان

Persian

हम तिरे पर ही ये जाँ-निसार करते हैं इस लिए तो थोड़ा इख़्तियार करते हैं — arjun chamoli

'जाँ-निसार' शब्द गहरी निष्ठा और किसी प्रिय या उद्देश्य के लिए आत्म-बलिदान की भावना को व्यक्त करता है। अपने मूल अर्थ में, यह वफादारी और निःस्वार्थता को दर्शाता है। कविता ने इस शब्द को आत्मीयता के उस गहरे बंधन को व्यक्त करने के लिए अपनाया है, जो व्यक्तिगत इच्छाओं से परे होता है, निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण की सुंदरता को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'जाँ-निसार' का उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो परम निष्ठा का प्रतीक होते हैं। इसका उपयोग उस प्रेम की गहराई को दर्शाने के लिए किया जाता है जो व्यक्ति को व्यक्तिगत लाभ छोड़ने के लिए प्रेरित करता है। यह शब्द अधिक आत्म-केंद्रित शब्दों के विपरीत, परोपकारिता पर जोर देता है।

कविता में, 'जाँ-निसार' निःस्वार्थ प्रेम की पवित्रता का प्रमाण बन जाता है। यह हमें स्वार्थ से परे समर्पण में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।