Meaning of

जान-ए-सुकूँ

jaan-e-sukoon • جان سکون

शांति की आत्मा; सुकून का सार

soul of peace; essence of tranquility

روح سکون; سکون کی جوہر

Persian

'जान-ए-सुकूँ' अपने मूल अर्थ में एक शांतिपूर्ण उपस्थिति की छवि प्रस्तुत करता है जो शांति और सुकून का प्रतीक है। कविता में इस शब्द का उपयोग अक्सर किसी व्यक्ति या क्षण को दर्शाने के लिए किया जाता है जो जीवन की उथल-पुथल के बीच गहरी शांति और संतोष लाता है।

कवियों द्वारा 'जान-ए-सुकूँ' का उपयोग अक्सर उस प्रिय को वर्णित करने के लिए किया जाता है जो भीतर के तूफान को शांत करता है। यह एक ऐसी जगह या स्मृति को भी दर्शा सकता है जो शरण प्रदान करती है। यह शब्द 'जान-ए-ग़म' जैसे शब्दों के विपरीत शांति को दुख से ऊपर रखता है।

कविता की दुनिया में, 'जान-ए-सुकूँ' शांति का प्रतीक है। यह हमें सुकून में पाई जाने वाली शांत शक्ति की याद दिलाता है।