Meaning of

जिस्म-ओ-जाँ

jism-o-jaan • جسم و جاں

शरीर और आत्मा; भौतिक और आध्यात्मिक सार

body and soul; physical and spiritual essence

جسم و روح; جسمانی اور روحانی جوہر

Persian

अजीब हालत है जिस्म-ओ-जाँ की हज़ार पहलू बदल रहा हूँ वो मेरे अंदर उतर गया है मैं ख़ुद से बाहर निकल रहा हूँ — Azm Shakri
ये जिस्म-ओ-जाँ तुझे देकर मिरी तक़दीर लिखनी है ज़माना बे-वफ़ाई का मुझे मौक़ा' भी देना है — arjun chamoli
बात-बात पे वा-वाह करने वाले तुम ही हो मुझे गुमराह करने वाले — Umrez Ali Haider
कर दिया हवाले अब थाम ले या ठुकरा दे हैं थिरकते जिस्म-ओ-जाँ तेरे इश्क़ में बे-सुध — Abha sethi
दरमियाँ जिस्म-ओ-जां फ़ासला हो गया नाम 'मय्यत' हर इक शख़्स का हो गया — Javed Aslam
तुम्हारे दर्द से जागे तो उन की क़द्र खुली वगरना पहले भी अपने थे जिस्म-ओ-जान वही — Aslam Emadi
महक जाता ये जिस्म-ओ-जाँ तुम्हारा मोहब्बत में नहाना चाहिए था — SALIM RAZA REWA
कई लौंडे तुम्हारे जिस्म-ओ-जाँ के रिसर्चर होते होते रह गए हैं — Akash Gagan Anjaan

'जिस्म-ओ-जाँ' मानव अस्तित्व की द्वैतता को दर्शाता है, जहाँ भौतिक और आध्यात्मिक एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। कविता में, यह द्वैतता अक्सर जीवन के ठोस और अमूर्त पहलुओं के बीच संघर्ष और सामंजस्य को दर्शाती है।

'जिस्म-ओ-जाँ' का उपयोग कवि प्रेम, बलिदान और भौतिक और आध्यात्मिक के बीच के शाश्वत बंधन की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर लालसा और पूर्ति के संदर्भों में प्रकट होता है, जहाँ शरीर और आत्मा एकता की आकांक्षा करते हैं।

शरीर और आत्मा के नृत्य में, कविता अपनी सबसे गहरी अभिव्यक्तियाँ पाती है। 'जिस्म-ओ-जाँ' का सार सामंजस्य की शाश्वत खोज है।