Meaning of

जुर्म-ए-कबीरा

jurm-e-kabeera • جرم کبیرہ

गंभीर अपराध; बड़ा पाप

grave crime; major sin

سنگین جرم; بڑا گناہ

Arabic

इश्क़ मज़हब रब सनम और आशिक़ी इस की 'इबादत इस में शिकवा कुफ़्र है और इल्तिज़ा जुर्म-ए-कबीरा — A R Sahil "Aleeg"

जुर्म-ए-कबीरा उन कार्यों के भार को दर्शाता है जिन्हें गहराई से गलत या पापपूर्ण माना जाता है। कविता में, यह अक्सर उन व्यक्तियों के आंतरिक संघर्ष और नैतिक द्वंद्व का प्रतीक होता है जो अपने विवेक से जूझते हैं।

कवि जुर्म-ए-कबीरा का उपयोग अपराधबोध, मोचन और त्रुटि की मानव क्षमता की थीम में गहराई से उतरने के लिए करते हैं। यह आत्मा के सबसे अंधेरे कोनों का दर्पण है, जो प्रायश्चित के संघर्ष को दर्शाता है।

जुर्म-ए-कबीरा मानव अनुभव को परिभाषित करने वाली नैतिक जटिलताओं की मार्मिक याद दिलाता है।