Meaning of

जुस्तजू-ए-यार

justajoo-e-yaar • جستجو یار

प्रिय की खोज; प्रेम की तलाश

search for the beloved; quest for love

محبوب کی تلاش; محبت کی جستجو

Persian

हम जुस्तजू-ए-यार में भटके हैं दर-ब-दर इक दीद की तलब में कहाँ से कहाँ गए — Sameer Khan
ले ले के याद-ए-यार फिरी दर-ब-दर मुझे बस जुस्तजू-ए-यार रही उम्र भर मुझे — Shadab Shabbiri

यह वाक्यांश प्रिय के लिए गहरी तड़प और लालसा को व्यक्त करता है, जो अक्सर आशा और निराशा से भरी एक भावनात्मक यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है। कविता में, यह एक अंतहीन खोज के सार को पकड़ता है, जहाँ प्रिय एक साथ आनंद का स्रोत और एक अप्राप्य आदर्श होता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग अप्राप्त प्रेम और दिव्य के साथ एकता की आध्यात्मिक खोज के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी यात्रा का सुझाव देता है जो स्वयं की खोज के बारे में उतनी ही है जितनी प्रिय को खोजने के बारे में।

कविता के क्षेत्र में, 'जुस्तजू-ए-यार' प्रेम और अर्थ की अनंत मानव खोज का रूपक बन जाता है।