Meaning of

जू-ए-ख़ूँ

joo-e-khoon • جو خون

रक्त की धारा; बलिदान की प्रवाह

stream of blood; flow of sacrifice

خون کی دھار; قربانی کا بہاؤ

Persian

दिख रहा था जो ख़ून पानी पे जान दे बैठा वो निशानी पे — gaurav saklani
दिल वो ख़ेमा है जहाँ मरते हैं जज़्बे घुटकर चश्म वो दश्त हैं जो ख़ून से तर रहते हैं — Shajar Abbas
जो ख़ून पी ले हर दिए का चुपके से ऐसी हवा से रिश्ता जोड़ा ही नहीं — Meem Alif Shaz

'जू-ए-ख़ूँ' बलिदान और जीवन-मृत्यु के निरंतर प्रवाह की छवियों को उभारता है। कविता में, यह निरंतर संघर्ष और स्वतंत्रता या प्रेम की कीमत का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'जू-ए-ख़ूँ' का उपयोग किसी उद्देश्य के लिए किए गए बलिदानों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह युद्धों में रक्तपात या गहरे प्रेम की भावनात्मक कीमत का प्रतीक है।

कविता में, 'जू-ए-ख़ूँ' उन बलिदानों की याद के रूप में बहता है जो भाग्य को आकार देते हैं।