Meaning of

जोश-ए-बहार

josh-e-bahaar • جوش بہار

वसंत का जोश; नवीनीकरण का उत्साह

zeal of spring; fervor of renewal

جوش بہار; تجدید کا جوش

Persian

देख ज़िंदाँ से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख — Majrooh Sultanpuri

यह वाक्यांश वसंत के साथ आने वाली जीवंत ऊर्जा और नवीनीकरण को दर्शाता है। कविता में, यह पुनरुत्थान, नई शुरुआत, और जीवन के जोशीले आलिंगन का प्रतीक है।

कवि अक्सर इसे नए प्रेम की उत्तेजना और ताजगी या प्रकृति के जागरण को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं।

जोश-ए-बहार नवीनीकरण के शाश्वत चक्र और इसके साथ आने वाले असीम उत्साह को दर्शाता है।