Meaning of

तक़्सीर

taqseer • تکثیر

गुणा; वृद्धि; विस्तार

multiplication; increase; augmentation

اضافہ; بڑھوتری; کثرت

Arabic

कोई ताइर इधर नहीं आता कैसी तक़्सीर इस मकाँ से हुई — Ada Jafarey
सूरत को छोड़ तेरी तस्वीर से ख़फ़ा हूँ ऐ इश्क़ बे-वफ़ा की तक़्सीर से ख़फ़ा हूँ — A R Sahil "Aleeg"
इसे तक़्सीर समझो या मिरी क़िस्मत मैं हर दिन एक क़ातिल खोज लेता हूँ। — Nilesh Barai

तक़्सीर वृद्धि और विस्तार के विचार को दर्शाता है, चाहे वह संख्या में हो, प्रभाव में हो, या प्रभाव में हो। कविता में, यह अक्सर विचारों, भावनाओं, या संबंधों के फलने-फूलने का प्रतीक होता है, जो एक गतिशील और निरंतर विकसित होने वाली प्रकृति का सुझाव देता है।

कवि तक़्सीर का उपयोग प्रचुरता और वृद्धि के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह प्रेम के प्रसार, प्रभाव के विस्तार, या सपनों के खिलने के बारे में छंदों में प्रकट होता है। यह शब्द ठहराव के विपरीत है, जीवन्तता और प्रगति को उजागर करता है।

तक़्सीर जीवन की वृद्धि और परिवर्तन की क्षमता का सार दर्शाता है। यह आगे की अनंत संभावनाओं की याद दिलाता है।