Meaning of

तख़’ईल

takhayyul • تخیل

कल्पना; फैंटेसी

imagination; fancy

تخیل; تصور

Arabic

ये किस ने फ़ोन पे दी साल-ए-नौ की तहनियत मुझ को तमन्ना रक़्स करती है तख़य्युल गुनगुनाता है — Ali Sardar Jafri
तख़य्युलात पे मबनी नहीं है रिश्ता मेरा हक़ीक़तन मेरे दिल में मकीं है ज़ात तेरी — Shajar Abbas
जब तलक क़ुव्वत-ए-तख़य्युल है आप पहलू से उठ नहीं सकते — Fahmi Badayuni
तुम्हारे तख़य्युल का ही वक़्त है तुम्हारी ही यादों की ये चाय है — Kailash Singh Rathore " baaz

तख़’ईल, अपने सार में, कल्पना की असीमित दुनिया है। कविता में, यह वह कैनवास बन जाता है जहाँ सपने और वास्तविकता मिलते हैं, कवि को साधारण से परे जाने की अनुमति देते हैं।

कवि 'तख़’ईल' का उपयोग जीवंत चित्रण बनाने और अवचेतन की गहराइयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह ठोस और अलौकिक के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है।

तख़’ईल कवि की अनंत में उड़ान है, जहाँ सीमाएँ घुल जाती हैं और रचनात्मकता सर्वोच्च होती है।