Meaning of

तबीअ'त

tabi'at • طبیعت

स्वभाव; प्रकृति; मनोवृत्ति

nature; temperament; disposition

مزاج; فطرت; طبیعت

Arabic

कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं — Jaani Lakhnavi
ज़रा सा ग़म हुआ और रो दिए हम बड़ी नाज़ुक तबीअत हो गई है — Shahzad Ahmad
फिर आज 'अदम' शाम से ग़मगीं है तबीअत फिर आज सर-ए-शाम मैं कुछ सोच रहा हूँ — Abdul Hamid Adam
कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो — Dushyant Kumar
तुम इस ख़मोश तबीअत पे तंज़ मत करना वो सोचता है बहुत और बोलता कम है — Nawaz Deobandi
मुझे ये डर है तेरी आरज़ू न मिट जाए बहुत दिनों से तबीअत मिरी उदास नहीं — Nasir Kazmi
इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया — Mirza Ghalib
निकलते हैं कफ़न बांधे फ़ना होने की निय्यत से के संग एक ही उछालेंगे मगर अब के तबीअत से — Saurabh Mehta 'Alfaaz'

'तबीअ'त' शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु की अंतर्निहित प्रकृति या स्वभाव को संदर्भित करता है। कविता में, यह अक्सर मानव भावनाओं की जटिलताओं और किसी के चरित्र के सार में गहराई से उतरता है। यह अंतर्निहित गुणों और बाहरी प्रभावों के बीच के अंतःक्रिया को दर्शाता है, जो काव्यात्मक अन्वेषण के लिए एक समृद्ध ताना-बाना प्रस्तुत करता है।

कवि 'तबीअ'त' का अन्वेषण मानव भावनाओं की गहराई, किसी के स्वभाव और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच के संघर्ष, या अपने सच्चे स्व को स्वीकार करने में पाई जाने वाली समरसता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मनिरीक्षण और समझ को आमंत्रित करने वाला शब्द है।

काव्यात्मक क्षेत्र में, 'तबीअ'त' आत्मा के लिए एक दर्पण के रूप में कार्य करता है, जो प्रकृति और पोषण के जटिल नृत्य को दर्शाता है। यह मानव पहचान की जटिलता का प्रमाण है।