Meaning of

तर्ज-ए-बयाँ

Tarz-e-bayaan • طرز بیاں

अभिव्यक्ति की शैली; बोलने का ढंग

style of expression; manner of speaking

طرز اظہار; بولنے کا انداز

Persian

तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi
ख़मोशी लफ़्ज़ पर भारी नया तर्ज़-ए-बयाँ अपना पराए मुल्क में अब ढूँढ़ता हूँ, हम ज़बाँ अपना — Jaymin Joshi Mauj

यह वाक्यांश उन विशिष्ट तरीकों को पकड़ता है जिनमें विचार और भावनाएँ व्यक्त की जाती हैं। कविता में, यह उस विशिष्ट आवाज़ और लय को दर्शाता है जो एक कवि अपने काम में लाता है, पाठक के अनुभव को आकार देता है।

कवि अक्सर अपनी विशिष्टता को उजागर करने के लिए 'तर्ज-ए-बयाँ' का अन्वेषण करते हैं। यह भाषाई सुंदरता का उत्सव हो सकता है या पारंपरिक मानदंडों की आलोचना। यह कवि की व्यक्तिगत यात्रा और कलात्मक विकास को दर्शाता है।

कविता में, 'तर्ज-ए-बयाँ' आत्मा की हस्ताक्षर है, जो भाषा के कैनवास पर अमिट छाप छोड़ती है।