Meaning of

तवक़्क़ो

tavakko • توقع

उम्मीद; आशा

expectation; hope

امید; آس

Arabic

इतनी तवक़्क़ुआत ज़माने को हम सेे है उतनी तो उम्र भी नहीं लाए लिखा के हम — Munawwar Rana
रौशनी घर की ज़रूरी है मगर दिल को भी थोड़ी तवक़्क़ो चाहिए — Priya Dixit
ये सच है उस सेे मिलने की तवक्को फिर नहीं करते मगर पहली मोहब्बत को भुलाया भी नहीं जाता — Faiz Ahmad
नित वफ़ा की तवक़्क़ु'आत न रख इश्क़ में ये हराम है 'साहिल' — A R Sahil "Aleeg"
बस यूँँ ही दिल को तवक़्क़ो' सी है तुझ से वर्ना जानता हूँ कि मुक़द्दर है मेरा तन्हाई — Nasir Kazmi
उस की मर्ज़ी जिसे तवक़्क़ो दे ये तो बस एक है समाँ मेरा — Kashif Hussain Kashif
गिला क्यूँँ हो अगर पूछा न मेरा हाल तक उस ने तवक़्क़ो' ये ही थी मेरी तग़ाफ़ुल-आश्ना से जब — Jagat Singh
चलो इक बात से बेबार की मुझ को तसल्ली है तवक़्क़ो ख़ुद किसी से वो कभी दिल में नहीं रखता — Beybaar

अपने मूल अर्थ में, 'तवक़्क़ो' आशा के साथ प्रतीक्षा की स्थिति को दर्शाता है, आने वाले समय की एक कोमल प्रत्याशा। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि इच्छा और धैर्य के बीच के नाजुक संतुलन को व्यक्त किया जा सके, जहाँ दिल मौन लालसा में प्रतीक्षा करता है।

'तवक़्क़ो' का उपयोग कवि अक्सर लालसा और धैर्य के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रिय, एक सपना, या पूर्णता के क्षण की प्रतीक्षा के सार को पकड़ता है। यह शब्द निराशा के विपरीत है, एक आशावादी सहनशीलता को उजागर करता है।

तवक़्क़ो प्रतीक्षा की सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है। यह दिल की मौन शक्ति को संबोधित करता है।