Meaning of

ता'ज़ीर

ta'zeer • تعزیر

दंड; सज़ा

punishment; chastisement

سزا; تعزیر

Arabic

बैठा हूँ जहाँ, आग लगा कर ही उठा हूँ है ख़ौफ़ मुझे मौत की ता'ज़ीर से ऐ दिल — Shivansh Singhaniya
ज़रा सी बात है मैं ने किसी को हीर माना है ज़माने भर ने मुझ को क़ाबिल-ए-ताज़ीर माना है — Saarthi Baidyanath

अपने मूल अर्थ में, 'ता'ज़ीर' दंड या सज़ा का संकेत करता है, जो अक्सर नैतिक या सुधारात्मक उद्देश्य से होता है। कविता में, यह न्याय के भार और मानव क्रियाओं पर गंभीर चिंतन को जागृत करता है।

'ता'ज़ीर' का उपयोग कवि अक्सर न्याय और नैतिकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह किसी के कार्यों के परिणामों या व्यवहार को निर्धारित करने वाले सामाजिक मानदंडों का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'ता'ज़ीर' समाज की नैतिक दिशा का प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है।