Meaning of

ता'रीफ़

taa'riif • تعریف

प्रशंसा; परिभाषा; वर्णन

praise; definition; description

تعریف; وضاحت; توصیف

Arabic

न पूछो हुस्न की ता'रीफ़ हम से मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है — Adil Farooqui
झूटी ता'रीफ़ों के पीछे भागते रहते हो दिन भर अभी अगर मैं सच कह दूँगा वो तुम को चुभ जाएगा — Amaan Pathan
ता'रीफ़ सुन रहा हूँ बहुत तेरे हाथ की साक़ी मेरे लिए भी ज़रा सी निकाल दे — Shadab Javed
तारीफ़ दशानन की किए जा रहे हैं जो किस मुँह से सिया राम के पैरों में झुकेंगे — Tanoj Dadhich
ख़ुद हुस्न से न पूछिए ता'रीफ़ हुस्न की दीवाने से ये पूछिए दीवाना क्यूँँ हुआ — Aamir Azher
वो भी आख़िर तिरी ता'रीफ़ में ही ख़र्च हुआ मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए — Azhar Nawaz
ख़ुद हुस्न से न पूछिए ता'रीफ़ हुस्न की दीवाने से ये पूछिए दीवाना क्यूँँ हुआ — Ameer Imam
जब भी कोई मंज़िल हासिल करता हूँ याद बहुत आती हैं तेरी ता'रीफ़ें — Tanoj Dadhich
रात भर ता'रीफ़ मैं ने की तुम्हारे रूप की चाँद इतना जल गया सुन कर कि सूरज हो गया — Chandan Rai
उस्ताद के एहसान का कर शुक्र 'मुनीर' आज की अहल-ए-सुख़न ने तिरी ता'रीफ़ बड़ी बात — Muneer Shikohabadi

'ता'रीफ़' प्रशंसा या परिभाषा के कार्य को समाहित करता है, उन गुणों की पहचान जो मान्यता के योग्य हैं। कविता में, यह सुंदरता, सद्गुण, और प्रशंसा की जाने वाली चीज़ के सार का उत्सव बन जाता है।

कवि 'ता'रीफ़' का उपयोग अपने विषयों के गुणों और सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर ओड्स, शोकगीत, और उन छंदों में दिखाई देता है जो प्रशंसा की जाने वाली चीज़ को अमर बनाना चाहते हैं।

'ता'रीफ़' शब्दों की शक्ति को सम्मानित और ऊंचा करने की एक कोमल याद दिलाता है।