Meaning of

तिलाई

tilaai • تلائی

स्वर्णिम; सुनहरा

golden; gilded

سنہری; طلائی

Sanskrit

क्या बतलाएँ दुनिया कैसी लगती है
इक तस्वीर है वो भी धुंधली लगती है

दोज़ख़ वाले हैं हम को मालूम है पर
जन्नत वाली लड़की अच्छी लगती है

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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है
कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

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कमाता हूँ मैं कितना सोच लेना बा'द में ये सब
अभी तो बस यही काफ़ी है माँ के पास रहता हूँ

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इसी साल जैसा नया साल होगा
मगर हाल अपना तो बेहाल होगा

कमाता बहुत है मेरा दोस्त लेक़िन
जो पूछोगे तुम तो बुरा हाल होगा

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तुम मिलोगे तो तुम को ये बतलाएँगे
दिल में हसरत तुम्हारी बहुत है भरी

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उन की यादों का निशिदिन अभिनंदन करते रहते हैं
रात गुज़रने की ख़ातिर हम क्रंदन करते रहते हैं

विक्षिप्तों के जैसी स्थिति में हैं हम अब क्या बतलाएँ
निश्छल प्रेमिल मन से प्रिय का वंदन करते रहते हैं

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किस मुँह से बतलाएँ तुम को
दिल पर मेरे क्या गुज़री है

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तुम पर कितना मरते है हम
ये भी तुम को बतलाएं हम

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क्या बतलाएँ कैसे कैसे यार मिले
जितने भी थे सब के सब ग़द्दार मिले

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चोट लगती दिल पे जब भी टूट जाता आदमी
त्याग के सुख चैन दो पैसे कमाता आदमी

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क्या बतलाएँ दुनिया कैसी लगती है
इक तस्वीर है वो भी धुंधली लगती है

दोज़ख़ वाले हैं हम को मालूम है पर
जन्नत वाली लड़की अच्छी लगती है

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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है
कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

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तिलाई सोने की समृद्धि और गर्माहट का आभास कराता है, जो धन और दिव्य सुंदरता का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर पवित्रता, वैभव और सूर्य की शाश्वत चमक का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि तिलाई का उपयोग भव्यता और शाश्वत सुंदरता की छवियों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर साधारण के विपरीत होता है, अलौकिक और कीमती को उजागर करता है।

तिलाई दिव्यता का सार पकड़ता है, जीवन में बुने हुए सुनहरे धागों की याद दिलाता है।