Meaning of

तिश्ना-ए-ख़ूँ

tishna-e-khoon • تشنا خون

ख़ून का प्यासा; रक्तपिपासु

thirsty for blood; bloodthirsty

خون کا پیاسا; خونخوار

Persian

'तिश्ना-ए-ख़ूँ' अपने मूल अर्थ में रक्त के लिए एक गहरी, लगभग आदिम प्यास को दर्शाता है। कविता में, यह वाक्यांश अक्सर एक अतृप्त इच्छा का प्रतीक होता है, न केवल हिंसा के लिए, बल्कि जुनून, शक्ति, या प्रतिशोध के लिए।

कवि 'तिश्ना-ए-ख़ूँ' का उपयोग एक पात्र की इच्छाओं की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक योद्धा की उत्सुकता, एक प्रेमी की भस्म करने वाली चाहत, या एक अत्याचारी की अटल महत्वाकांक्षा को दर्शा सकता है।

कविता की दुनिया में, 'तिश्ना-ए-ख़ूँ' अतृप्त इच्छाओं के सार को पकड़ता है, जो मानव भावना के गहरे रंगों को दर्शाता है।