Meaning of

तुर्रा

turra • طرہ

कलगी; पंख; चोटी

crest; plume; topknot

کلغی; پر; چوٹی

Persian

ख़ुद को मनवाने का मुझ को भी हुनर आता है मैं वो कतरा हूँ समुंदर मेरे घर आता है — Waseem Barelvi
अब नहीं कोई बात ख़तरे की अब सभी को सभी से ख़तरा है — Jaun Elia
इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना — Mirza Ghalib
तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचाँ रुख़-ए-नूरानी पर चश्मा-ए-आईना में साँप सा लहराता है — Miyan Dad Khan Sayyah
मैं अश्क सारे पी गया, हर कतरा लाजवाब था यादों का खारा दरिया ये, मानो कोई शराब था — Pritesh Bunker
आँखों को मूँद लेने से ख़तरा न जाएगा वो देखना पड़ेगा जो देखा न जाएगा — Waseem Barelvi
ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर एक ख़तरा है जान जाने का — Amaan Pathan
तारे नफ़स पर उँगली रख दी छेड़ के तू ने बात ग़ज़ल की नोके क़लम से क़तरा-क़तरा जारी हैं रिशहात ग़ज़ल की — Navneet krishna
ख़तरा तो लंका के ऊपर है साहब अपना क्या है पूंछ बढ़ाते जाना है — Atul K Rai

'तुर्रा' शब्द एक भव्य कलगी या पंख की छवि प्रस्तुत करता है, जो अक्सर योद्धाओं या रईसों के सिर पर शोभायमान होता है। कविता में, यह गर्व, शान और सौंदर्य की चरम सीमा का प्रतीक है। हवा में धीरे-धीरे लहराते पंख की छवि में एक प्रकार की शालीनता और गति का भाव होता है।

'तुर्रा' का प्रयोग कवि अक्सर प्रियजनों की शान का वर्णन करने के लिए करते हैं, उनके सौंदर्य की तुलना शाही पंख से करते हैं। यह भावनात्मक या आध्यात्मिक यात्रा की चरम सीमा को भी दर्शा सकता है, जहाँ आत्मा अपनी उच्चतम अभिव्यक्ति तक पहुँचती है।

'तुर्रा' शान और सौंदर्य की चरम सीमा का सार प्रस्तुत करता है। यह गर्व और शालीनता की अंतिम अभिव्यक्ति का प्रतीक है।