Meaning of

तौक़

tauq • طوق

गले का हार; कंठा; जुआ

collar; necklace; yoke

گلے کا ہار; طوق; جوا

Arabic

लगाना ज़र्ब जब दिल पर तो ज़ालिम याद ये रखना इसी दिल में तुम्हारी ज़ात की तौक़ीर होती है — Javed Aslam

मूल रूप से 'तौक़' गले में पहने जाने वाले हार या कंठे को दर्शाता है। कविता में यह सौंदर्य और बंधन दोनों का प्रतीक बनता है, सजावट और सीमाओं की छवि प्रस्तुत करता है।

'तौक़' का उपयोग कवि प्रेम की सीमाओं और प्रतिबद्धता की सुंदरता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह स्वतंत्रता के विपरीत है, इच्छा और कर्तव्य के बीच तनाव को उजागर करता है।

कविता में 'तौक़' प्रेम की आलिंगन और उसकी बेड़ियों के बीच के नाजुक संतुलन का प्रतीक बन जाता है।