Meaning of

तक़दीर

taqdeer • تقدیر

भाग्य; नियति; किस्मत

destiny; fate; fortune

تقدیر; قسمت; نصیب

Arabic

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है — Allama Iqbal
मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर — Zia Mazkoor
मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका — Umair Najmi
शायद अगली इक कोशिश तक़दीर बदल दे ज़हर तो जब जी चाहे खाया जा सकता है — Siraj Faisal Khan
खो दिया तुम को तो हम पूछते फिरते हैं यही जिस की तक़दीर बिगड़ जाए वो करता क्या है — Firaq Gorakhpuri
मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा तेरा वा'दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा — Sahir Ludhianvi
कहीं गुलाल के हिस्से में कोई गाल नहीं कहीं पे गाल की तक़दीर में गुलाल नहीं — Harman Dinesh
पलटा दे तक़दीर हमारी आ कर माथा चूम हमारा — Siddharth Saaz
तू जो मिल जाए तो तक़दीर निगूँ हो जाए यूँँ न था मैं ने फ़क़त चाहा था यूँँ हो जाए — Faiz Ahmad Faiz

'तक़दीर' शब्द में भाग्य की अवधारणा है, एक अदृश्य शक्ति जो जीवन की दिशा को निर्देशित करती है। कविता में यह मानव प्रयास और अनिवार्यता के बीच के तनाव को दर्शाता है, जीवन के रहस्यमय विकास को पकड़ता है।

कवि 'तक़दीर' का उपयोग अक्सर पूर्वनिर्धारण और स्वतंत्र इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह चयन और भाग्य के बीच के संतुलन पर सवाल उठाता है, अक्सर पाठकों को विचार में छोड़ देता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'तक़दीर' भाग्य और स्वतंत्रता के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।