Meaning of

तक़रीर

taqreer • تقریر

भाषण; संबोधन

speech; address

تقریر; خطاب

Arabic

तुम सितारों के भरोसे पे न बैठे रहना अपनी तदबीर से तक़दीर बनाते जाओ — Sada Ambalvi
कोट और पतलून जब पहना तो मिस्टर बन गया जब कोई तक़रीर की जलसे में लीडर बन गया — Akbar Allahabadi
कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है — Hafeez Banarasi
चाह रखता है मिरे से वो अगर तक़रीर की बात देरीना मोहब्बत की उठाया नईं करे — Rohan Hamirpuriya
सनद रहे सब को जल्लादों ने तक़रीरें कर दी हैं काफ़िर का जो सर काटेगा वो मोमिन कहलाएगा — Aatish Indori
तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है — Hafeez Banarasi
बिजली इक कौंध गई आँखों के आगे तो क्या बात करते कि मैं लब तश्न-ए-तक़रीर भी था — Mirza Ghalib
अब छोड़ कर तन्हा मुझे मसरूफ़ है वो भी कहीं उस के लिए भी मैं फ़क़त तदबीर था तन्हाई का — Pushkar Tripathi
अदू होते रहे अहबाब कैसी ये करिश्माई, इसी तदबीर में मैं रोज़ सुब्ह-ओ-शाम रहता था। — Ravi 'VEER'
उसे पाने का आसरा तक नहीं सो खोने की तदबीर है मेरे पास — gabruu govind

‘तक़रीर’ बोले गए शब्दों का भार वहन करता है, जो अक्सर औपचारिक और संरचित होते हैं। कविता में, यह अभिव्यक्ति की शक्ति, विचारों को वाक्पटुता के साथ व्यक्त करने की कला का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'तक़रीर' का उपयोग प्रेरणा, शब्दों के प्रभाव, या स्पष्ट भाषण की सुंदरता के विषयों को खोजने के लिए कर सकते हैं। इसे मौन या अनकहे विचारों के विपरीत रखा जा सकता है।

‘तक़रीर’ की गूंज में, शब्द अपनी स्थायी प्रतिध्वनि पाते हैं।