Meaning of

दम-ए-नज़्अ

dam-e-naz'a • دم نزع

पीड़ा का क्षण; अंतिम सांस

moment of agony; last breath

کرب کا لمحہ; آخری سانس

Persian

पुतलियाँ तक भी तो फिर जाती हैं देखो दम-ए-नज़अ वक़्त पड़ता है तो सब आँख चुरा जाते हैं — Ameer Minai

यह वाक्यांश जीवन के अंत के उस तीव्र और मार्मिक क्षण को दर्शाता है, जहाँ आत्मा अस्तित्व की अंतिमता से जूझती है। कविता में, यह जीवन और मृत्यु के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, अक्सर मानव अनुभव की नाजुकता को उजागर करता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह भावनात्मक या आध्यात्मिक संकटों के लिए एक रूपक हो सकता है, जहाँ कोई परिवर्तन या रहस्योद्घाटन के कगार पर महसूस करता है।

अपने सार में, 'दम-ए-नज़्अ' जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता और उसके अंत के अपरिहार्य आलिंगन पर एक ध्यान है।