Meaning of

दरख्शाँ

darkhaan • درخشاں

चमकदार; उज्ज्वल; दीप्तिमान

radiant; shining; bright

درخشاں; روشن; چمکدار

Persian

तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है — Hafeez Banarasi

'दरख्शाँ' शब्द उस चमक और प्रकाश को समेटे हुए है जो आँखों और आत्मा को मोहित करता है। मूल रूप से, यह किसी ऐसी चीज़ को संदर्भित करता है जो उज्ज्वल रूप से चमकती है, लेकिन कविता में, यह आत्मा के आंतरिक प्रकाश, आशा या प्रेम की चमक का प्रतीक बन गया है जो सबसे अंधेरे कोनों को रोशन करता है।

कवि अक्सर 'दरख्शाँ' का उपयोग प्रिय की मुस्कान की चमक या तारों भरी रात की चमक का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह विस्मय और आश्चर्य की भावना को व्यक्त करता है, वह सुंदरता जो सांसारिकता से परे है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'दरख्शाँ' प्रकाश का एक प्रकाशस्तंभ है, उस सुंदरता की याद दिलाता है जो बनी रहती है।