Meaning of

दर्द-ए-जिगर

dard-e-jigar • درد جگر

हृदय का दर्द; गहरा दुःख

pain of the heart; deep sorrow

دل کا درد; گہرا غم

Persian

बहुत काम लेने हैं दर्द-ए-जिगर से कहीं ज़िन्दगी को क़रार आ न जाए — Qabil Ajmeri
मैं कभी कहता नहीं तुम सेे मगर तुम ने पूछा भी नहीं दर्द-ए-जिगर — Hameed Sarwar Bahraichi
रहते हैं अपने आप से कुछ बे-ख़बर से हम जब से हुए हैं रू-ब-रू दर्द-ए-जिगर से हम — Ajeetendra Aazi Tamaam
ये मौसम का असर है या है चारा-गर की कोताही कि बढ़ता जाए है दर्द-ए-जिगर आहिस्ता आहिस्ता — Dharmesh bashar
'शजर' तू देख ज़रा आ के मेरा दर्द-ए-जिगर टपक रहा है लहू बनके मेरी आँखों से — Shajar Abbas

'दर्द-ए-जिगर' आंतरिक उथल-पुथल और भावनात्मक पीड़ा की गहरी भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर हृदय में बसे गहरे, अनकहे दुःखों का प्रतीक होता है, जो प्रेम, हानि और लालसा के विषयों को छूता है।

कवि 'दर्द-ए-जिगर' का उपयोग मानवीय भावनाओं की गहराई का पता लगाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर जलने या खून बहने की छवियों के साथ जोड़ा जाता है, जो हृदय की पीड़ा की तीव्रता को उजागर करता है।

'दर्द-ए-जिगर' हृदय की गहरे दुःख और स्थायी प्रेम की क्षमता की मार्मिक याद दिलाता है।