Meaning of

दर-ए-ज़ुबाँ

dar-e-zubaan • در زباں

भाषा की दहलीज; वाणी का द्वार

threshold of language; doorway of speech

زبان کی دہلیز; گفتار کا دروازہ

Persian

मकान-ए-दिल में कहो कोई जाए अब कैसे दर-ए-ज़ुबाँ पे वो ताला लगाए बैठे हैं — Prakash Pandey

यह वाक्यांश अभिव्यक्ति से पहले के क्षण का सुझाव देता है, जहाँ विचार अभिव्यक्ति के किनारे पर ठहरते हैं। कविता में, यह मौन और वाणी, अनकहे और कहे के बीच के तनाव को पकड़ता है।

कवि इसका उपयोग भाषा की शक्ति और सीमाओं का पता लगाने के लिए करते हैं। यह प्रत्याशा की भावना या गहरी भावनाओं को व्यक्त करने के संघर्ष को जागृत कर सकता है।

भाषा की दहलीज पर, मौन बहुत कुछ कहता है।