Meaning of

दर-ए-यार

dar-e-yaar • در یار

प्रिय का द्वार; प्रेम की चौखट

door of the beloved; threshold of love

محبوب کا دروازہ; محبت کی دہلیز

Persian

क्या ही हुआ जो हसरत-ए-दीदार में मरी कुछ दिन तो मुन्तज़िर थी दर-ए-यार पर निगाह — shampa andaliib

'दर-ए-यार' प्रिय के द्वार पर खड़े होने की छवि प्रस्तुत करता है, एक ऐसी जगह जहां प्रतीक्षा और आकांक्षा होती है। कविता में, यह मिलन की लालसा, स्वीकृति की आशा, और वह पवित्र स्थान का प्रतीक है जहां प्रेम शुरू होता है।

कवि 'दर-ए-यार' का उपयोग अक्सर एक प्रेमी की प्रतीक्षा और लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो चौखट पर खड़ा है। यह दिव्य प्रेम की ओर आध्यात्मिक यात्रा या आंतरिक शांति की खोज का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'दर-ए-यार' प्रेम और अपनापन की अनंत खोज का प्रतीक है, हमारे दिलों में खोलने के लिए दरवाजों की याद दिलाता है।