Meaning of

दर-किनार

dar-kinaar • در کنار

किनारे पर; अलग

aside; at the edge

کنارے پر; الگ

Persian

सपने सजा के रक्खे इस ज़िंदगी में हम ने वो दर-किनार कर के अब दूर जा चुके हैं — arjun chamoli

'दर-किनार' एक ऐसी स्थिति का आभास कराता है जहाँ व्यक्ति किनारे पर खड़ा होकर देख रहा होता है। यह शारीरिक और भावनात्मक दोनों ही रूपों में दूरी का प्रतीक हो सकता है। कविता में, यह भावनात्मक दूरी या चिंतनशील अवस्था को दर्शा सकता है, जहाँ दिल दूर से देखता है, अप्रभावित लेकिन जागरूक।

कवि अक्सर 'दर-किनार' का उपयोग अलगाव या आत्मनिरीक्षण की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी द्वारा अपनी प्रेमिका को दूर से देखने का संकेत दे सकता है। यह जीवन की हलचल से एकांत की ओर इशारा कर सकता है, जहाँ व्यक्ति शांति से चिंतन कर सके।

अपनी शांति में, 'दर-किनार' चिंतन के लिए एक गहन स्थान प्रदान करता है। यह आत्मा को ठहरने और दुनिया को एक शांत दूरी से देखने के लिए आमंत्रित करता है।