Meaning of

दर-हक़ीक़त

dar-haqeeqat • درحقیقت

वास्तव में; सच में

in reality; in truth

حقیقت میں; سچ میں

Arabic

गर मुलाक़ात हो रब से मेरी तो पूछूँगा दर-हक़ीक़त वो जुदाई का सबब और क्या था — Famyas Siwani
आज इस संसार में इंसान क्यूँँ दिलगीर है दर-हक़ीक़त ये तकब्बुर पाँव की ज़ंजीर है — Manish Pithaya

'दर-हक़ीक़त' वाक्यांश चीजों की सच्ची प्रकृति को उजागर करने का भाव देता है। कविता में, यह अक्सर भ्रम की परतों को हटाकर वास्तविकता के मूल को प्रकट करता है। यह ईमानदारी और प्रामाणिकता का भार वहन करता है, अक्सर दिखावे के विपरीत उपयोग किया जाता है।

कवि 'दर-हक़ीक़त' का उपयोग मुखौटों के पीछे की सच्चाई पर जोर देने के लिए करते हैं। यह रहस्योद्घाटन या प्रबोधन व्यक्त करने का एक साधन है। अक्सर मोहभंग या ज्ञान के विषयों के साथ जोड़ा जाता है।

कविता में, 'दर-हक़ीक़त' आत्मा के सबसे सच्चे रूप को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है। यह सत्य में पाई जाने वाली सुंदरता की याद दिलाता है।