Meaning of

दाग़-ए-गिरेबाँ

daag-e-girebaan • داغ گریباں

गिरेबान पर दाग; अपमान का निशान

stain on the collar; mark of disgrace

گریبان پر داغ; رسوائی کا نشان

Persian

फिर भी हमारा दाग़-ए-गिरेबाँ न दिख सका हम आइने के सामने गर्दन-फ़राज़ थे — Abdulla Asif

दाग़-ए-गिरेबाँ शर्म या अपराधबोध का एक स्पष्ट निशान है। कविता में, यह अक्सर किसी की खामियों या गलतियों के आंतरिक उथल-पुथल और सार्वजनिक प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है, जो मानव त्रुटि की एक मार्मिक याद दिलाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अपराधबोध और पश्चाताप के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह छंदों में दिखाई दे सकता है जो व्यक्तिगत शर्म या सामाजिक निर्णय में गहराई से जाते हैं। यह वाक्यांश अक्सर पवित्रता और मोक्ष के विषयों के साथ विरोधाभास करता है।

कविता में दाग़-ए-गिरेबाँ मानव स्थिति की एक स्पष्ट याद दिलाता है, जहाँ खामियाँ छिपी भी होती हैं और प्रकट भी।