Meaning of

दामन

daaman • دامن

किनारा; छोर; आलिंगन; संरक्षण

hem; edge; embrace; protection

کنارہ; چھور; آغوش; حفاظت

Persian

तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक मुझ को अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी — Munawwar Rana
ग़ुरूर-ए-लुत्फ़-ए-साक़ी नश्शा-ए-बे-बाकी-ए-मस्ताँ नम-ए-दामान-ए-इस्याँ है तरावत मौज-ए-कौसर की — Mirza Ghalib
दामन झटक के वादी-ए-ग़म से गुज़र गया उठ उठ के देखती रही गर्द-ए-सफ़र मुझे — Ali Sardar Jafri
अब उसी आग में जलते हैं जिसे अपने दामन से हवा दी हम ने — Ghulam Mohammad Qasir
दामन पे कोई छींट न ख़ंजर पे कोई दाग़ तुम क़त्ल करो हो कि करामात करो हो — Kaleem Aajiz
तर-दामनी पे शैख़ हमारी न जाइयो दामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वज़ू करें — Khwaja Meer Dard
ये आँसू ढूँडता है तेरा दामन मुसाफ़िर अपनी मंज़िल जानता है — Asad Bhopali
हमें हर वक़्त ये एहसास दामन-गीर रहता है पड़े हैं ढेर सारे काम और मोहलत ज़रा सी है — Khurshid Talab
ये तेरा गुलिस्ताँ तेरा चमन कब मेरी नवा के क़ाबिल है नग़्मा मिरा अपने दामन में आप अपना गुलिस्ताँ लाता है — Ali Sardar Jafri

मूल रूप से 'दामन' वस्त्र के किनारे या छोर को दर्शाता है, जो किसी ठोस चीज़ की सीमा का प्रतीक है। कविता में, यह सीमा एक सुरक्षा और आलिंगन के रूपक में बदल जाती है, जहाँ दामन एक आश्रय स्थल, शरण और गर्मजोशी का स्थान बन जाता है।

'दामन' का उपयोग कवि अक्सर सुरक्षा और अपनत्व की भावनाओं को जगाने के लिए करते हैं। यह वह स्थान है जहाँ कोई दुनिया के अराजकता से छुप सकता है। यह शब्द 'दिल' के विपरीत है, जो खुला और असुरक्षित है, जबकि 'दामन' आश्रय और सुरक्षा प्रदान करता है।

कविता में, 'दामन' सुरक्षा के कोमल आलिंगन और संरक्षण की शांत शक्ति का प्रतीक है। यह एक ऐसा शब्द है जो माँ की गोद की गर्मजोशी और शांतिपूर्ण आश्रय की शांति को समेटे हुए है।