Meaning of

दावर-ए-महशर

daavar-e-mahshar • داور محشر

प्रलय के न्यायाधीश; महाशय के निर्णायक

judge of the Day of Judgment; arbiter of the apocalypse

قیامت کے منصف; محشر کے فیصل

Persian

अपने मूल अर्थ में, 'दावर-ए-महशर' एक दिव्य न्यायाधीश की छवि प्रस्तुत करता है जो अंतिम निर्णय का संचालन करता है। कविता ने इस शब्द को अंतिम न्याय और मानव कर्मों के नैतिक भार की खोज के लिए अपनाया है।

'दावर-ए-महशर' का उपयोग कवि अक्सर न्याय की अनिवार्यता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह नैतिक आत्मनिरीक्षण और उस अंतिम सत्य का रूपक है जो सभी आत्माओं की प्रतीक्षा करता है।

कविता में, 'दावर-ए-महशर' आत्मा के गहरे सत्य को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह मानव अस्तित्व का मार्गदर्शन करने वाले नैतिक दिशा-सूचक का स्मरण है।