Meaning of

दिल-ए-बेताब

dil-e-betaab • دل بیتاب

बेचैन दिल; तड़पता दिल

restless heart; yearning heart

بے چین دل; تڑپتا دل

Persian

आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की — Jaleel Manikpuri
बैठे हैं फ़रिश्ते भी उधर कान लगाए कोई तो सदा इस दिल-ए-बेताब से निकले — Shakir Dehlvi
बे-ख़ुदी में ले लिया बोसा ख़ता कीजे मुआ'फ़ ये दिल-ए-बेताब की सारी ख़ता थी मैं न था — Bahadur Shah Zafar
हाथ रख कर जो वो पूछे दिल-ए-बेताब का हाल हो भी आराम तो कह दूँ मुझे आराम नहीं — Dagh Dehlvi

दिल-ए-बेताब एक ऐसे दिल की छवि प्रस्तुत करता है जो शांति नहीं पा सकता, निरंतर तड़प और बेचैनी में रहता है। कविता में, यह अधूरी इच्छाओं और उन भावनाओं के उथल-पुथल को दर्शाता है जो थमने का नाम नहीं लेतीं।

कवि अक्सर 'दिल-ए-बेताब' का उपयोग तड़प की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा दिल है जो बुझ न सकने वाली इच्छाओं की धड़कन के साथ धड़कता है। यह 'दिल-ए-सुकून' - एक शांत दिल के विपरीत है।

कविता के क्षेत्र में, 'दिल-ए-बेताब' पूर्णता की अनंत खोज का प्रतीक है। यह हम सभी के भीतर के बेचैन आत्मा से संवाद करता है।