Meaning of

दुश्मन-ए-जानी

dushman-e-jaani • دشمن جانی

जान का दुश्मन; कट्टर शत्रु

mortal enemy; sworn foe

جان کا دشمن; کٹر دشمن

Persian

माँ बुलाती है मेरी यूसुफ़-ए-सानी कह कर भाई सब दुश्मन-ए-जानी की तरह देखें हैं — Shajar Abbas

दुश्मन-ए-जानी शब्द एक ऐसे शत्रु की छवि प्रस्तुत करता है जो जीवन में इतनी गहराई से समाया होता है कि उसकी उपस्थिति एक स्थायी छाया बन जाती है। कविता में, यह शब्द अक्सर उन आंतरिक और बाहरी संघर्षों का प्रतीक होता है जो मानव अस्तित्व को परिभाषित करते हैं।

कवि 'दुश्मन-ए-जानी' का उपयोग विश्वासघात और प्रतिद्वंद्विता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत प्रतिशोध या अपने ही अंधेरे स्वभाव के खिलाफ सार्वभौमिक संघर्ष का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'दुश्मन-ए-जानी' उस संघर्ष का सार प्रस्तुत करता है जो व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है।