Meaning of

दुश्वारियाँ

dushvaariyaañ • دشواریاں

कठिनाइयाँ; मुसीबतें

difficulties; hardships

مشکلات; مصیبتیں

Persian

पहेली ज़िंदगी की कब तू ऐ नादान समझेगा बहुत दुश्वारियाँ होंगी अगर आसान समझेगा — Zubair Ali Tabish
हमारे साथ चलना तुम मगर ये याद रख लेना हमारे साथ चलने में बहुत दुश्वारियाँ होंगी — Sanjay shajar
है ये कैसा सितम मौला ये हैं दुश्वारियाँ कैसी जहाँ पर रोना था हम को वहीं पर मुस्कुराना है — Aqib khan
इश्क़ कर के इश्क़ की दुश्वारियाँ बतलाने वालों ज़हर कैसा भी हो उस को चख के परखा जाता है क्या — Yuvraj Singh Faujdar
कई दुश्वारियाँ गुज़री तुम्हारा ग़म नहीं गुजरा ज़ख़्म थे जब बदन पे, कोई मरहम नहीं गुजरा — Aryan Goswami
पाँव के छालों से पूछो ये सफ़र कैसा रहा मंज़िलों को क्या पता दुशवारियाँ कितनी मिली — Aman Kumar Shaw "Haif"
रास्तों के पत्थरों को याद रखना चाहिए लौटने में फिर कभी दुश्वारियाँ होंगी नहीं — Khalid Azad
किसी को शौक़ यूँँ होता नहीं ग़ुरबत में जीने का यक़ीनन सामने उस के बड़ी दुश्वारियाँ होंगी — SALIM RAZA REWA
अना ने खोल दी छतरी हमारे दरमियाँ वरना बहुत दुश्वारियाँ होतीं गुज़िश्ता रात बारिश में — Dhirendra Pratap Singh

यह शब्द जीवन की यात्रा में संघर्ष और बोझ का एहसास कराता है। कविता में, यह अक्सर उन परीक्षाओं का प्रतीक होता है जो व्यक्ति के चरित्र और सहनशीलता को आकार देती हैं।

कवियों द्वारा इसका उपयोग मानव आत्मा की सहनशीलता को उजागर करने के लिए किया जाता है। यह आराम के क्षणों के विपरीत होता है, सहनशीलता की गहराई को दर्शाता है। अक्सर आशा और दृढ़ता के विषयों के साथ जोड़ा जाता है।

दुश्वारियाँ हमें भीतर की मौन शक्ति की याद दिलाती हैं। ये वे छायाएँ हैं जो प्रकाश को परिभाषित करती हैं।