Meaning of

दौर-ए-शदीद

daur-e-shadeed • دور شدید

तीव्र काल; गंभीर चरण

intense period; severe phase

شدید دور; سخت مرحلہ

Arabic

जो चराग़ सारे बुझा चुके उन्हें इंतिज़ार कहाँ रहा ये सुकूँ का दौर-ए-शदीद है कोई बे-क़रार कहाँ रहा — Ada Jafarey

यह वाक्यांश एक ऐसे समय की कल्पना करता है जब भावनाएँ और घटनाएँ चरम पर होती हैं। कविता में, यह अक्सर एक परीक्षा या परिवर्तन के काल का प्रतीक होता है, जहाँ आत्मा का परीक्षण और परिष्करण होता है।

कवि इसका उपयोग संकट या गहन परिवर्तन के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह शांति या स्थिरता के काल के विपरीत हो सकता है। अक्सर, यह मानव आत्मा की दृढ़ता को उजागर करता है।

अपने काव्यात्मक सार में, यह जीवन के सबसे तीव्र तूफानों के बीच दिल की सहनशीलता की बात करता है।