Meaning of
धिक्कार
dhikkaar • دھکار
Hindi
निंदा; तिरस्कार; भर्त्सना
English
reproach; scorn; condemnation
Urdu
ملامت; حقارت; مذمت
Origin
Sanskrit
Ash'aar
Nuance
‘धिक्कार’ शब्द नैतिक निर्णय का भार लिए होता है, जो अक्सर गहरी निराशा या अस्वीकृति की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह केवल आलोचना तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गहन भावनात्मक उथल-पुथल या सामाजिक आलोचना व्यक्त करने का माध्यम बन जाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'धिक्कार' का उपयोग अन्याय या विश्वासघात के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए करते हैं। यह खोए हुए आदर्शों के लिए विलाप या अंतरात्मा को जगाने का आह्वान हो सकता है। यह शब्द उन छंदों में दिखाई दे सकता है जो सामाजिक मानदंडों को चुनौती देते हैं या व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त करते हैं।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'धिक्कार' आत्मा की गहरी शिकायतों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह एक ऐसा शब्द है जो अंतरात्मा की गूंज के साथ गूंजता है।
