Meaning of

पयंबर

payambar • پیمبر

नबी; संदेशवाहक

prophet; messenger

نبی; پیغامبر

Arabic

ख़ुदा, फ़रिश्ते, पयम्बर, बशर किसी का नहीं मुझे लिहाज़ तो सबका है डर किसी का नहीं — Charagh Sharma
'क़ैस', 'फ़रहाद' और 'रांझा', 'शजर' सब के सब इश्क़ के पयम्बर हैं — Shajar Abbas
कितने ही अवतार पयम्बर आए पर धरती का दुख जैसा था वैसा ही है — Saarthi Baidyanath
क़ैस-ओ-फ़रहाद थे बहुत पहले अब मोहब्बत के हम पयम्बर हैं — Shajar Abbas

'पयंबर' शब्द दिव्य संचार और मार्गदर्शन का भाव उत्पन्न करता है। यह एक चुने हुए व्यक्ति की छवि को उभारता है जो सांसारिक और दिव्य के बीच सेतु का काम करता है, आशा और नैतिक दिशा के संदेश लाता है।

कविता में, 'पयंबर' का उपयोग अक्सर ज्ञान और प्रबोधन के प्रतीक के रूप में किया जाता है। यह अंतःकरण की आवाज़ या आंतरिक मार्गदर्शक का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह अज्ञानता और नैतिक अस्पष्टता के विपरीत है।

कविता में 'पयंबर' अंधकार में प्रकाश का दीपक बन जाता है। यह वह आवाज़ है जो हमें हमारे उच्चतर स्व की ओर बुलाती है।