Meaning of

परवरिश-ए-लौह-ओ-क़लम

parvarish-e-lauh-o-qalam • پرورش لوح و قلم

लौह और क़लम की परवरिश

nurturing of the tablet and pen

لوح و قلم کی پرورش

Persian

हम परवरिश-ए-लौह-ओ-क़लम करते रहेंगे जो दिल पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगे — Faiz Ahmad Faiz

'परवरिश-ए-लौह-ओ-क़लम' वाक्यांश रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता के पोषण को व्यक्त करता है। कविता में, यह विचारों और विचारों की खेती का प्रतीक है, लिखित शब्द को दी गई देखभाल और ध्यान और इसके दिमाग को आकार देने की शक्ति।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग लेखकों और विचारकों के पवित्र कर्तव्य पर जोर देने के लिए करते हैं। यह विचार की शुद्धता, अभिव्यक्ति की सुंदरता, और शब्दों की परिवर्तनकारी शक्ति को पोषित और संरक्षित करने की जिम्मेदारी को दर्शाता है।

अपने काव्यिक सार में, 'परवरिश-ए-लौह-ओ-क़लम' लिखित शब्द का सम्मान करने का आह्वान बन जाता है, मानव विचार की स्थायी विरासत का प्रमाण।