Meaning of

पश्चाताप

pashchaataap • پشچاتاپ

पश्चाताप; पछतावा

repentance; remorse

پشیمانی; ندامت

Sanskrit

अपने मूल अर्थ में, 'पश्चाताप' पिछले कर्मों के लिए गहरी खेद और दुःख की भावना को व्यक्त करता है। कविता ने इसे मानव अंतःकरण की गहराइयों का अन्वेषण करने के लिए विस्तारित किया है, जहाँ दिल अपनी ही परछाइयों से जूझता है।

कवि अक्सर 'पश्चाताप' का उपयोग मुक्ति और मानव स्थिति के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह गर्व या अवज्ञा के शब्दों के विपरीत, आत्मा की नाजुकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'पश्चाताप' आत्मा की यात्रा को समझने और शांति की ओर प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।