Meaning of

पस-ए-मुश्किल

pas-e-mushkil • پس مشکل

कठिनाई के बाद; मुश्किल के पार

after difficulty; beyond hardship

مشکل کے بعد; دشواری کے پار

Persian

न ये पागल सा मजनू है, न अब फ़रहाद लगता है पस-ए-मुश्किल, हमारा दिल बड़ा ही शाद लगता है — Hameed Sarwar Bahraichi

यह वाक्यांश संघर्ष के दौर से उभरने की भावना को जगाता है, अंधकार से प्रकाश की ओर संक्रमण का संकेत देता है। कविता में, यह बाधाओं को पार करने की भावनात्मक यात्रा को दर्शाता है, अक्सर आशा और नवीनीकरण का प्रतीक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मानव आत्मा की विजय को दर्शाने के लिए करते हैं। यह अक्सर निराशा के विपरीत होता है, दृढ़ता को उजागर करता है। यह उथल-पुथल के दौर के बाद एक नई शुरुआत का भी संकेत दे सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'पस-ए-मुश्किल' आशा का एक दीपक है, स्थायी मानव आत्मा का प्रमाण है।