Meaning of

पीर

peer • پیر

संत; आध्यात्मिक गुरु; बुजुर्ग

saint; spiritual guide; elder

پیر; روحانی رہنما; بزرگ

Persian

रास्ते में फिर वही पैरों का चक्कर आ गया जनवरी गुज़रा नहीं था और दिसंबर आ गया — Rahat Indori
हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए — Dushyant Kumar
चिलचिलाती धूप है और पैर में चप्पल नहीं जिस्म घाइल है मगर ये हौसला घाइल नहीं — Tanoj Dadhich
तारीफ़ दशानन की किए जा रहे हैं जो किस मुँह से सिया राम के पैरों में झुकेंगे — Tanoj Dadhich
दिल ये करता है कि इस उम्र की पगडंडी पर उलटे पैरों से चलूँ फिर वही लड़का हो जाऊँ — Mehshar Afridi
निकहत-ए-पैरहन से उस गुल की सिलसिला बे-सबा रहा मेरा — Jaun Elia
बदन का ज़िक्र बातिल है तो आओ बिना सर पैर की बातें करेंगे — Fahmi Badayuni

'पीर' शब्द एक बुद्धिमान बुजुर्ग या आध्यात्मिक गुरु की छवि प्रस्तुत करता है, जिन्हें अक्सर उनकी अंतर्दृष्टि और मार्गदर्शन के लिए सम्मानित किया जाता है। कविता में यह ज्ञान, आध्यात्मिक प्रबोधन और गहरे समझ की खोज का प्रतीक है।

कवि 'पीर' का उपयोग मार्गदर्शन और ज्ञान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अज्ञानता के विपरीत है, जो प्रबोधन और समझ की यात्रा को उजागर करता है।

काव्यिक परिदृश्य में, 'पीर' ज्ञान और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि के प्रकाशस्तंभ के रूप में खड़ा है।