Meaning of

पुर-सोख़्ता

pur-sokhta • پر سوختہ

गहराई से जला हुआ; अत्यधिक भस्म

deeply burnt; intensely consumed

گہرائی سے جلا ہوا; انتہائی بھسم

Persian

‘पुर-सोख़्ता’ शब्द एक ऐसी छवि उत्पन्न करता है जिसमें कोई व्यक्ति या वस्तु भीतर की आग से गहराई से प्रभावित होती है। यह एक ऐसी स्थिति का संकेत देता है जहाँ आत्मा भावनात्मक या आध्यात्मिक ज्वाला से जैसे जल गई हो।

कवि अक्सर ‘पुर-सोख़्ता’ का उपयोग एक ऐसे हृदय या आत्मा का वर्णन करने के लिए करते हैं जो प्रेम या दुःख से गहराई से प्रभावित होता है। यह भावना की तीव्रता को व्यक्त करता है जो उपभोग करने वाली और परिवर्तनकारी होती है।

अपने काव्यात्मक सार में, ‘पुर-सोख़्ता’ उन भावनाओं के गहरे प्रभाव को पकड़ता है जो भीतर जलती हैं, आत्मा पर एक अमिट छाप छोड़ती हैं।